भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए “आतंकवादी” बयान को गंभीर और आपत्तिजनक बताया है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और मल्लिकार्जुन खड़गे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया जाए। पार्टी ने कहा कि खड़गे का बयान चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
भाजपा ने अपनी याचिका में कहा कि यह बयान “अत्यंत अपमानजनक” है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा प्रभावित होती है। पार्टी ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि खड़गे के खिलाफ उचित दंडात्मक और नियामक कार्रवाई की जाए।
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भाजपा ने मांग की कि खड़गे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जांच हो, जिनमें धारा 175, 171/174 और 356(1) शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी ने उनके चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की भी अपील की है।
भाजपा ने यह भी कहा कि खड़गे के बयान को सभी मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए जाएं ताकि गलत संदेश का प्रसार रोका जा सके।
पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी है कि ऐसे बयानों पर सख्त कार्रवाई हो और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जाएं।
इससे पहले चेन्नई में एक साक्षात्कार के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री पर सरकार और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें “आतंकवादी” कह दिया था। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब था कि सरकार विपक्ष को डराने का काम कर रही है, न कि शब्द का शाब्दिक अर्थ।
भाजपा ने कहा कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल को बिगाड़ते हैं और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ हैं।
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