पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र को तैयार करने के लिए एक विशेष समिति के गठन की घोषणा की है। पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनावों के लिए “स्टेट संकल्प पत्र समिति” का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी अनुभवी नेताओं को सौंपी गई है। इस समिति का नेतृत्व एक ऐसे पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक करेंगे, जो मार्च 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और विधायक अशोक लाहिड़ी को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। वहीं, आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल को समिति का सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इनके अलावा समिति में कई वरिष्ठ और अनुभवी नेता शामिल किए गए हैं। इनमें सांसद मनोज टिग्गा, वरिष्ठ भाजपा नेता स्वपन दासगुप्ता, चित्तरंजन मंडल, शिशिर बजोरिया, अमलकांति राय, वैशाली डालमिया, अनिर्बान गांगुली और राज्य भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार के नाम प्रमुख हैं।
इस घटनाक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भाजपा ने चुनावी राजनीति और नीति निर्माण का व्यापक अनुभव रखने वाले नेताओं को घोषणा-पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी का उद्देश्य एक ऐसा घोषणापत्र तैयार करना है, जो राज्य के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों की समस्याओं, आकांक्षाओं और विकास की जरूरतों को प्रतिबिंबित करे।
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इस बीच, भाजपा नेतृत्व भी राज्य में अपनी गतिविधियों को तेज करने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह तथा नव-निर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन अगले कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल का दौरा करने वाले हैं। उनके दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
भाजपा का यह कदम 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर उसकी तैयारियों और राज्य में सत्ता हासिल करने की गंभीर मंशा को दर्शाता है।
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