कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता बी. के. हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब डी. के. शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने बी. के. हरिप्रसाद को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार के योगदान की सराहना भी की।
बी. के. हरिप्रसाद लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए अनुभवी नेता हैं। वे वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) हैं, जिनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है। इससे पहले वे राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और कांग्रेस संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उन्हें कई राज्यों में पार्टी मामलों की जिम्मेदारी भी दी गई है और वे इस समय हरियाणा के प्रभारी भी हैं, जिसे वे जल्द छोड़ सकते हैं।
हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को हुआ था और वे बिलावा समुदाय से आते हैं, जिसे कर्नाटक में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में रखा गया है।
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हालांकि, उनकी नियुक्ति के साथ ही उनके पुराने विवादित बयानों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर “महिषासुर” से तुलना करने, पुलवामा हमले पर “मैच फिक्सिंग” का आरोप लगाने, आरएसएस को “भारतीय तालिबान” कहने और अमित शाह पर “सूअर की बीमारी” जैसी टिप्पणी करने जैसे बयान दिए थे, जिन पर काफी विवाद हुआ था।
उनकी नियुक्ति को पार्टी संगठन में रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोल सकता है।
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