प्रसिद्ध कलाकार और क्यूरेटर बोस कृष्णमाचारी ने कोच्चि बिएनाले फाउंडेशन (केबीएफ) से इस्तीफा दे दिया है। वह इस प्रतिष्ठित संस्था के सह-संस्थापक और अध्यक्ष थे तथा केबीएफ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनके इस्तीफे की जानकारी बुधवार (14 जनवरी, 2026) को कोच्चि बिएनाले फाउंडेशन के अध्यक्ष वेणु वी. ने एक आधिकारिक बयान के माध्यम से दी।
बयान के अनुसार, बोस कृष्णमाचारी ने “तत्काल और महत्वपूर्ण पारिवारिक कारणों” का हवाला देते हुए अपने पद से हटने का निर्णय लिया है। केबीएफ अध्यक्ष ने कहा कि संस्था उनके फैसले का सम्मान करती है और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करती है।
बोस कृष्णमाचारी भारतीय समकालीन कला जगत का एक जाना-पहचाना नाम है। उन्होंने कोच्चि बिएनाले फाउंडेशन की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी, जिसने देश और दुनिया में भारतीय कला को एक नई पहचान दिलाई। कोच्चि-मुजिरिस बिएनाले, जो केबीएफ के तहत आयोजित होता है, एशिया के सबसे बड़े समकालीन कला आयोजनों में गिना जाता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक छवि को मजबूती प्रदान करता है।
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उनके नेतृत्व में कोच्चि बिएनाले ने न केवल भारतीय कलाकारों को वैश्विक मंच प्रदान किया, बल्कि दुनिया भर के कलाकारों, क्यूरेटर्स और कला प्रेमियों को भी आकर्षित किया। संस्था के विकास, उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा और संगठनात्मक मजबूती में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, बोस कृष्णमाचारी के इस्तीफे के बाद केबीएफ के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फाउंडेशन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि संस्था अपने सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी और आगामी कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किए जाएंगे।
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