आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक सर्वसम्मति से ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणा को अपनाने के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत आयोजित इस बैठक ने सदस्य देशों के बीच खेल क्षेत्र में सहयोग को नई गति दी है।
बैठक में विशेष रूप से युवा विकास, समावेशिता, खेल प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच खेलों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने और खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा खेल संस्थानों के लिए नए अवसर तैयार करना है।
बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में ब्रिक्स खेल प्रौद्योगिकी कार्य समूह स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। इस कार्य समूह के माध्यम से खेल विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़े क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
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भारत के ब्रिक्स खेल विनिर्माण सम्मेलन आयोजित करने के प्रस्ताव को भी व्यापक समर्थन मिला। इसका पहला सम्मेलन इस वर्ष नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव है। यह सम्मेलन खेल उपकरण निर्माताओं, निवेशकों, प्रौद्योगिकी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों को विशेषज्ञता साझा करने तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करेगा।
इसके अलावा, अक्टूबर में गुजरात के अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल प्रदर्शन प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस आयोजन के जरिए ब्रिक्स देशों की समृद्ध खेल विरासत को प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक तथा जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने का लक्ष्य है।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ब्रिक्स खेल साझेदारी को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रतियोगिताओं तथा ज्ञान साझा करने के माध्यम से व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
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