केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए देश के बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भारत में शहरों के बीच संपर्क और पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेंगे। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन कॉरिडोरों को “ग्रोथ कनेक्टर” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापार, उद्योग और आवागमन को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को परिचालन में लाया जाएगा। इसकी शुरुआत ओडिशा के राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से की जाएगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों को कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों तथा पारादीप और धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।
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सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि डंकुनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक एक नया समर्पित माल गलियारा स्थापित किया जाएगा। जलमार्गों के संचालन के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे। इससे जलमार्गों के पूरे क्षेत्र में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इसके साथ ही, वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए जहाज मरम्मत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार ध्यान देती रहेगी।
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