फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है, जहां छोटे से देश केप वर्डे (काबो वर्दे) ने नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई कर लिया है। टीम ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों मैच ड्रॉ खेले और राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली।
ग्रुप में स्पेन ने दो जीत और एक ड्रॉ के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि केप वर्डे दूसरे स्थान पर रहा। वहीं उरुग्वे (उरुग्वे) और सऊदी अरब क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। अपने अंतिम ग्रुप मैच में केप वर्डे ने सऊदी अरब के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर ऐतिहासिक नॉकआउट प्रवेश सुनिश्चित किया।
दूसरी ओर, उरुग्वे के लिए यह टूर्नामेंट निराशाजनक रहा। टीम ने अपने अंतिम मैच में स्पेन का सामना किया, जहां उसे 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में एक रेड कार्ड भी मिला, जिसके बाद मार्सेलो बिएल्सा की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
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अब नॉकआउट चरण में केप वर्डे का सामना डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला उनके लिए बेहद कठिन माना जा रहा है, लेकिन टीम अपने अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी।
मैच से पहले उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा ने अपनी टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई थी। उन्होंने कहा था कि टीम को अधिक गतिशील और आक्रामक खेल दिखाना होगा, खासकर मजबूत विरोधी टीमों के खिलाफ। उन्होंने स्पेन के स्टार खिलाड़ी लामिन यामाल को भी मैच का “गेम-चेंजर” बताया था और उनकी रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी।
बिएल्सा ने यह भी कहा था कि यामाल जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदल सकते हैं और उन्हें रोकने के लिए टीम को सामूहिक प्रयास करना होगा। हालांकि, उरुग्वे अपनी रणनीति को मैदान पर लागू नहीं कर सका और टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
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