कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बारुईपुर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर 8 जुलाई को प्रस्तावित रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है। अदालत के इस फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रस्तावित रैली का रास्ता साफ हो गया है।
टीएमसी सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को जानकारी दी कि हाई कोर्ट ने राज्य की राजधानी में आयोजित होने वाली इस रैली की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के बाद पार्टी तय कार्यक्रम के अनुसार रैली का आयोजन करेगी।
बारुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है।
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ममता बनर्जी की प्रस्तावित रैली का उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाना और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाना बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जनता के बीच जागरूकता पैदा करना जरूरी है।
इस बीच, बारुईपुर कांड की जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।
कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब 8 जुलाई को होने वाली रैली पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसमें तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह रैली राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश देने वाली साबित हो सकती है।
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