सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े विवाद के बीच अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादले के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। विपक्षी दलों ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कहा कि सीबीएसई में हुई कथित अनियमितताओं की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की है और इसके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जवाबदेह हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विवादों में घिरी कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक (COEMPT EduTeck) को दिया गया ठेका केंद्र सरकार की निगरानी में मंजूर किया गया था। पार्टी ने कहा कि केवल अधिकारियों का तबादला कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कदम राजनीतिक नेतृत्व की बजाय नौकरशाहों पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2025 में ही राहुल सिंह को दो वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था।
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वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े विवाद में केवल तबादला करना सजा नहीं बल्कि संरक्षण देने जैसा लगता है।
यह विवाद तब सुर्खियों में आया जब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने OSM पोर्टल में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों के आरोप लगाए। 17 वर्षीय सार्थक सिद्धांत ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि 19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी ने पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमजोरियों का दावा किया। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए और एक जांच समिति का गठन किया है।
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