भारत में जनगणना 2027 की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जनगणना के पहले चरण को 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा कर लिया गया है। वहीं, शुक्रवार से तमिलनाडु और त्रिपुरा में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना (एचएलओ) के तहत स्व-गणना यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है।
यह पहल जनगणना प्रक्रिया को अधिक आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत नागरिक अपने घर और आवास से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
गृह मंत्रालय के अनुसार, जनगणना 2027 का पहला चरण देशभर में महत्वपूर्ण प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में घरों की सूची तैयार करना और आवास से संबंधित जानकारी एकत्र करना शामिल है। यह प्रक्रिया जनगणना के दूसरे चरण के लिए आधार तैयार करेगी।
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तमिलनाडु और त्रिपुरा में स्व-गणना सुविधा शुरू होने के साथ ही नागरिकों को अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। इससे जनगणना कर्मियों पर निर्भरता कम होगी और लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली जानकारी का उपयोग देश की सामाजिक, आर्थिक और विकास संबंधी योजनाओं को तैयार करने में किया जाएगा। सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर करती है।
जनगणना भारत में सबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में से एक है, जिसमें करोड़ों लोगों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाती है। इस बार प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रह और प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके।
केंद्र सरकार का लक्ष्य जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक पूरा करना है। इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय कर तैयारियां की जा रही हैं।
तमिलनाडु और त्रिपुरा में शुरू हुई स्व-गणना सुविधा को जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।
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