पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखते हुए हस्तक्षेप किया है। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात शहर में दो स्वास्थ्यकर्मियों में निपाह संक्रमण की आशंका जताई गई है, जिनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने सोमवार (12 जनवरी, 2026) को बताया कि ये दोनों मामले रविवार (11 जनवरी, 2026) की रात पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में स्थित एम्स-कल्याणी में सामने आए।
राज्य के मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा कि दोनों मरीजों को निगरानी में रखा गया है और उनका उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) और इलाज से जुड़ी सभी आवश्यक योजनाएं पहले ही तैयार कर ली गई हैं। दोनों मरीज उसी अस्पताल में कार्यरत हैं, जहां उनका इलाज किया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल अस्पताल का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें और जरूरी सावधानियां अपनाएं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त विशेषज्ञ टीमों और संसाधनों को भी तैनात किया जाएगा।
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निपाह वायरस एक गंभीर और जानलेवा संक्रमण माना जाता है, जो आमतौर पर संक्रमित जानवरों या व्यक्ति से व्यक्ति में फैल सकता है। इससे बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत और गंभीर मामलों में दिमागी सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने और संक्रमण नियंत्रण के कड़े उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने कहा कि अभी स्थिति नियंत्रण में है और दोनों मरीजों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से बचें, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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