केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज से दूरी बना ली है। पार्टी ने भारद्वाज के खिलाफ झूठे दावे करने और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान का नाम लेकर राजनीतिक संरक्षण का दावा करने के आरोप में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पार्टी की ओर से संसद मार्ग थाने में शिकायत दी गई। इसमें कहा गया कि स्वतंत्र भारद्वाज का पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। एलजेपी (राम विलास) ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
यह विवाद जुलाई में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। भारद्वाज पर सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप है।
और पढ़ें: चिराग पासवान को डाक से मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा- कट्टर आतंकवादी जल्द करेंगे हत्या
एक साक्षात्कार की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्होंने संजय की खोपड़ी फोड़ दी थी। इसके बाद निशु आजाद ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मदद की अपील भी की थी।
विवाद बढ़ने के बाद भारद्वाज ने दावा किया कि उसने जो कुछ किया, वह आत्मरक्षा में किया था। उसने कहा कि यदि वह ऐसा नहीं करता तो भीड़ उसे पीट-पीटकर मार सकती थी। उसने चिराग पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा से मदद मांगी थी।
बाद में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पुलिस ने भारद्वाज को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, वह नैथला गांव से निकलकर खुर्जा की ओर जा रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया।
भारद्वाज की हिरासत के बाद चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनका और उनकी पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी निशु आजाद और उनके पिता के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
पटना में पत्रकारों से बातचीत में पासवान ने घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा खुले तौर पर इतनी गंभीर मारपीट की बात स्वीकार करना और उसके बाद भी कार्रवाई न होना देश के लिए गलत मिसाल कायम कर सकता है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की और कानून का मजाक बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
और पढ़ें: आरक्षण विवाद पर चिराग पासवान का पलटवार, जीतन राम मांझी से मांगा इस्तीफा