केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बाएं हाथ के चरमपंथ के खिलाफ सरकार के लंबे समय से चले अभियान ने निर्णायक मील का पत्थर पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हो गया है।
जगदलपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शाह ने याद दिलाया कि केंद्र ने जनवरी 2024 में आंतरिक लक्ष्य तय किया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक संदेह के बावजूद यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया।
शाह ने कहा, “21 जनवरी 2024 को हमने तय किया कि हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करेंगे। कई लोगों ने निजी रूप से कहा कि यह संभव नहीं हो पाएगा। हमने स्पष्ट योजना बनाई, उसे लागू किया और अगस्त तक सार्वजनिक घोषणा की। माँ दंतेश्वरी की कृपा से आज हम नक्सल-मुक्त बस्तर के दिन तक पहुंचे हैं।”
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गृह मंत्री ने कहा कि न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के कई हिस्से नक्सलवाद से प्रभावित थे। कई सैनिकों ने इस लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन अब मिशन सफल हुआ।
अमित शाह ने कहा, “1971 से 31 मार्च 2026 तक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अत्यधिक रक्तपात, विकास में अंधकार और युवाओं के लिए अंधकारमय भविष्य रहा। नक्सलवाद केवल स्थानीय मुद्दा नहीं था, बल्कि मेरी गृह राज्य गुजरात सहित कई राज्यों में इसे गंभीरता से देखा गया। आज मैं बहुत खुश हूं कि ऐसा लक्ष्य हासिल हुआ जिसे एक जीवनकाल में प्राप्त करना कठिन था।”
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