कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबे अनशन समाप्त करने के फैसले से वह राहत महसूस कर रहा है और उनके साहस के लिए आभारी है, लेकिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं हो जाती।
सीजेपी ने शुक्रवार को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी कर लोगों से नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलनों में शामिल होने की अपील की।
सीजेपी ने छात्र संगठनों और अन्य संस्थाओं से अपील की है कि वे मिलकर प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति और व्यवस्थाओं की तैयारी करें तथा छात्रों की मांगों को जनता के सामने रखें।
और पढ़ें: अनशन का अंत, जवाबदेही की शुरुआत: सोनम वांगचुक ने उपवास खत्म करने के बाद जारी किया पहला वीडियो
इस बीच, सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12:30 बजे केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, यह बैठक संविधान क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित की जाएगी। यह बैठक सीजेपी और नरेंद्र मोदी सरकार के प्रतिनिधियों के बीच सीधी बातचीत का दूसरा चरण होगी। इससे पहले संगठन के जंतर-मंतर पर लगातार चल रहे धरने के करीब एक महीने बाद सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच पहली बातचीत हुई थी।
सीजेपी ने सरकार को पहले ही एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गई थीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और नीट परीक्षा से जुड़े मृतक अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 26 दिन का अनशन समाप्त किया था। उन्होंने सरकार से मिले आश्वासनों के बाद यह फैसला लिया था।
अब सभी की नजरें सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं, जिसमें आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।
और पढ़ें: सोनम वांगचुक ने क्यों खत्म किया 26 दिन का अनशन? सरकार ने दिए ये आश्वासन