दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे और अपना धरना फिर शुरू कर दिया। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मार्च निकाला तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करा दिया था। हालांकि, देर रात प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से दोबारा एकत्र होने की अनुमति दी गई। संसद की ओर फिर से मार्च किए जाने की आशंका को देखते हुए संसद परिसर, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या संसद की ओर बढ़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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इस बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि पार्टी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कथित नीट परीक्षा विवाद से जुड़े मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा छात्रों के मुद्दों पर सरकार द्वारा तत्काल ठोस कदम उठाना शामिल है। उनका दावा है कि इस विवाद से जुड़े घटनाक्रम में 20 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत हुई है।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना आमरण अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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