पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्व” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण, नवाचार और समाज को दिशा देने का एक सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं और शिक्षा व्यवस्था की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश में शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित बनाया जा रहा है। इससे छात्रों को न केवल नौकरी के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे स्वयं रोजगार सृजनकर्ता भी बन सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है और राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और कौशल विकास कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविदों और छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है और यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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