तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा सत्र में कथित तौर पर बाधा डालने को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस सदस्य सदन की कार्यवाही में हंगामा कर रहे हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
विधानसभा में 22ए प्रतिबंधित सूची से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बीआरएस पर सदन में व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकारी जमीनों की कथित लूट, शुल्क प्रतिपूर्ति, सूखे की स्थिति और कुछ लोगों द्वारा किए गए कथित तांत्रिक अनुष्ठानों जैसे मुद्दों पर चर्चा का सामना करने का डर है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि विधानसभा जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मंच है और विपक्ष को कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस जानबूझकर सदन का माहौल बिगाड़ रही है, ताकि इन मुद्दों पर चर्चा आगे न बढ़ सके।
और पढ़ें: तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी की वाम दलों से कांग्रेस के साथ आने की अपील, एसआईआर को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से भी विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने और उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष रखने की अपील की।
विधानसभा में 22ए सूची से संबंधित चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। मुख्यमंत्री के आरोपों के बाद सदन की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।
सरकार और बीआरएस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा जारी है। इनमें सरकारी जमीन, छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति और सूखे से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में व्यवधान के बजाय जनता से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। वहीं, बीआरएस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही दोनों पक्षों का पूरा रुख स्पष्ट होगा।
और पढ़ें: बेटी की टिप्पणी को लेकर विवाद के बीच तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा कैबिनेट से बाहर