पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दिनों के भीतर चौथी बार बढ़ोतरी के बाद देश की राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “फ्यूल लूट” और आम जनता पर “छिपा हुआ टैक्स” करार दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें आम नागरिकों के जीवन पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी से लोगों की बचत पर असर पड़ रहा है और सरकार कॉरपोरेट हितों को फायदा पहुंचा रही है।
खड़गे ने दावा किया कि 2014 में पेट्रोल की कीमत लगभग 71.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह डीजल की कीमत 56.71 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले 12 वर्षों में भारी राजस्व जुटाया है, जबकि जनता महंगाई से परेशान है।
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कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह “साइलेंट टैक्स” है, जो हर भारतीय परिवार पर पड़ रहा है। वहीं कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्र सरकार पर तेल कंपनियों और कॉरपोरेट्स के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति संकट के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जिससे महंगाई और घरेलू बजट पर असर की चिंता बढ़ गई है।
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