आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस देशभर में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों को बदला जा सकता है। इस व्यापक पुनर्गठन का उद्देश्य उन राज्यों में संगठन को मजबूत करना है, जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं।
बताया जा रहा है कि हाल ही में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के बीच हुई बैठक में संगठनात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यकाल में यह अंतिम बड़ा फेरबदल हो सकता है।
पार्टी का विशेष ध्यान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर पर है, जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके अलावा कांग्रेस गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटी है, जहां वर्ष के अंत तक चुनाव होने की संभावना है।
और पढ़ें: बाहर से बंद था फ्लैट, अंदर मिला दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर का शव; हत्या की गुत्थी उलझी, आरोपी फरार
सबसे अधिक चर्चा राजस्थान को लेकर हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता सचिन पायलट इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। यदि उनकी नियुक्ति होती है तो राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो सकता है।
वहीं दिल्ली में भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता अभिषेक दत्त इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
इसके अलावा छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु और पंजाब में भी संगठनात्मक बदलाव की संभावना है। कांग्रेस हरियाणा, असम, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति भी कर सकती है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही आगामी चुनावी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है। इसी रणनीति के तहत यह व्यापक बदलाव किया जा रहा है।
और पढ़ें: RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया