असम में कांग्रेस ने अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली रायजोर दल से सभी राजनीतिक संबंध समाप्त करने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने रायजोर दल पर ‘दुर्भावनापूर्ण प्रचार’ करने और गठबंधन के सिद्धांतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया कि कांग्रेस ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले रायजोर दल समेत कई क्षेत्रीय और वामपंथी दलों के साथ चुनावी गठबंधन किया था। इसका उद्देश्य विपक्षी दलों को एकजुट कर सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मजबूत संदेश देना था।
हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि इस अवधि के दौरान रायजोर दल के नेतृत्व ने कांग्रेस के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण प्रचार और व्यक्तिगत हमले किए। पार्टी ने यह भी दावा किया कि रायजोर दल के नेताओं ने विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ कई मौकों पर निराधार और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
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कांग्रेस के मुताबिक, रायजोर दल का यह रवैया गठबंधन के मूल सिद्धांतों और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ था। ऐसे में उसके साथ राजनीतिक संबंध जारी रखना संभव नहीं रह गया था।
अखिल गोगोई पर कांग्रेस का हमला
इससे पहले रविवार को कांग्रेस ने अखिल गोगोई की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उनकी कड़ी आलोचना की थी। कांग्रेस नेताओं ने उन पर विपक्षी गठबंधन के सिद्धांतों का उल्लंघन करने और ‘सरकार के एजेंट’ की तरह काम करने से बचने की चेतावनी दी थी।
असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर और एपीसीसी मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष वेदब्रत बोरा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई पर तीखा हमला किया।
विधानसभा चुनाव में रायजोर दल का प्रदर्शन
2026 के असम विधानसभा चुनाव में रायजोर दल ने कांग्रेस, असम जातीय परिषद और वाम दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। पार्टी ने 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और केवल शिवसागर सीट जीत सकी।
शिवसागर में अखिल गोगोई ने भाजपा के कुशल डोवारी को 17,272 वोटों के अंतर से हराया था।
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