कांग्रेस ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई समझौता हुआ है तो सरकार को देश के सामने इसकी पूरी जानकारी रखनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ऐसी आर्थिक नीतियां अपना रही है जो आम जनता के हितों के खिलाफ हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भारत वास्तव में अमेरिका से इतने बड़े पैमाने पर सामान खरीदने की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार ने अब तक इस कथित “जनविरोधी और खतरनाक” नीति से खुद को अलग क्यों नहीं किया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेशी दबाव में फैसले ले रही है और इससे देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के समझौते भारतीय उद्योगों और घरेलू उत्पादन पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। हाल ही में नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस बयान पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और विपक्ष सरकार से पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अमेरिका से बड़े स्तर पर आयात बढ़ाता है, तो इसका असर देश की व्यापार नीति और घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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