मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और लंबे समय से जारी हिंसा को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष कमांडो इकाई कोबरा (Commando Battalion for Resolute Action) की दो बटालियन अब राज्य में हथियारबंद उपद्रवियों के खिलाफ अभियान शुरू करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती केंद्र सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मणिपुर में स्थायी शांति और बेहतर कानून व्यवस्था स्थापित करना है। कोबरा कमांडो जंगल और दुर्गम इलाकों में अभियान चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं और नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
मणिपुर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने राज्य में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने और हिंसक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह फैसला लिया है।
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सूत्रों के मुताबिक, कोबरा बटालियन के जवान संवेदनशील इलाकों में तैनात किए जाएंगे और खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य हथियारबंद समूहों की गतिविधियों पर रोक लगाना, अवैध हथियारों को जब्त करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।
सीआरपीएफ की कोबरा इकाई को विशेष युद्ध कौशल, जंगल में ऑपरेशन और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इस कारण मणिपुर जैसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राज्य में शांति बहाली के लिए कदम उठा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की यह तैनाती आम नागरिकों में भरोसा बढ़ाने और हिंसा फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में मदद करेगी।
मणिपुर में सुरक्षा स्थिति पर केंद्र और राज्य सरकार लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में कोबरा कमांडो के अभियानों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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