जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने शुक्रवार को बहुभाषी कार्यक्रम ‘सुजल ग्राम संवाद’ के नौवें संस्करण का आयोजन किया। इस संवाद का उद्देश्य जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समुदाय आधारित जल प्रबंधन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में देशभर की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, स्थानीय अधिकारियों और जल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता, जल संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को लेकर चर्चा की गई।
डीडीडब्ल्यूएस ने कहा कि जल सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम पंचायतों को जल प्रबंधन की योजनाओं में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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‘सुजल ग्राम संवाद’ को बहुभाषी स्वरूप में आयोजित करने का उद्देश्य देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों तक जल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उनकी स्थानीय भाषाओं में पहुंचाना है। अधिकारियों ने कहा कि इससे ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ेगी और वे जल सुरक्षा के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन 2.0 के लक्ष्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
डीडीडब्ल्यूएस ने बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल घर-घर नल से जल पहुंचाना नहीं है, बल्कि जल स्रोतों की स्थिरता सुनिश्चित करना और भविष्य के लिए जल उपलब्धता बनाए रखना भी है।
विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तकनीकों और स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों के रखरखाव जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
सरकार ने कहा कि ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही देश में मजबूत और टिकाऊ जल सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा सकती है। ‘सुजल ग्राम संवाद’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम कर रहा है।
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