रक्षा मंत्रालय ने भारत की समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए मंगलवार को 5,083 करोड़ रुपये के दो बड़े रक्षा सौदों को अंतिम रूप दिया। इन समझौतों के तहत भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) और भारतीय नौसेना के लिए श्टिल सतह-से-हवा मिसाइलें खरीदी जाएंगी।
कुल राशि में से 2,901 करोड़ रुपये एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। यह अनुबंध हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ किया गया है। इसमें ऑपरेशनल उपकरण, इंजीनियरिंग सपोर्ट पैकेज और परफॉर्मेंस-आधारित लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है।
मंत्रालय के अनुसार, ये ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर आधुनिक और उन्नत प्रणालियों से लैस हैं, जो वर्तमान में सेवा में मौजूद विमानों से अधिक सक्षम हैं। ये हेलीकॉप्टर तटीय हवाई अड्डों और समुद्र में जहाजों से संचालित हो सकते हैं और विभिन्न समुद्री सुरक्षा मिशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं।
और पढ़ें: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पिकअप डिवाइडर से टकराई, तीन साल की बच्ची समेत दो की मौत
भारतीय तटरक्षक बल को बड़ा फायदा
इन हेलीकॉप्टरों की तैनाती से भारतीय तटरक्षक बल की कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। अधिकारी बताते हैं कि यह विमान कृत्रिम द्वीपों, समुद्री इंस्टालेशन, मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा में मदद करेंगे।
दूसरे समझौते के तहत, मंत्रालय ने रूस की JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ 2,182 करोड़ रुपये में श्टिल सतह-से-हवा मिसाइलों और संबंधित उपकरणों की आपूर्ति का अनुबंध किया। ये वर्टिकल लॉन्च मिसाइल सिस्टम भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर तैनात किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, यह मिसाइल प्रणाली नौसेना की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी और चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगी। समझौता भारत और रूस के दीर्घकालिक रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को भी दर्शाता है।
और पढ़ें: भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन जहां गुजरते ही ट्रेनों की लाइट बंद हो जाती है