महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली में शुक्रवार को पहला पूर्ण महिला पुलिस स्टेशन शुरू किया गया। यह पुलिस स्टेशन उत्तर दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में स्थापित किया गया है।
इस महिला पुलिस स्टेशन का उद्घाटन दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्छा की मौजूदगी में किया। अधिकारियों ने बताया कि यह पुलिस स्टेशन महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह देश की राजधानी में अपनी तरह का पहला पुलिस स्टेशन है, जहां सभी पदों पर केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं। इसमें जांच अधिकारी से लेकर सहायक स्टाफ तक सभी महिलाएं ही कार्यरत होंगी।
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अधिकारियों के अनुसार, यह पुलिस स्टेशन विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े अपराधों जैसे घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, पीछा करना (स्टॉकिंग), छेड़छाड़ और अन्य लैंगिक अपराधों की जांच और समाधान के लिए काम करेगा। यहां मामलों की जांच संवेदनशील और पीड़िता-केंद्रित दृष्टिकोण से की जाएगी।
उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अन्य जिलों में भी ऐसे महिला पुलिस स्टेशन शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शनिवार से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के तहत लोगों की शिकायतें सुनेंगे, जिससे जनता और पुलिस के बीच संवाद मजबूत होगा।
यह कार्यक्रम दिल्ली के सभी पुलिस थानों में चलाया जाएगा, जिससे शिकायतों का त्वरित निपटारा हो सके और पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़े।
इसके अलावा, महिला पुलिस स्टेशन केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां परामर्श, जागरूकता और कानूनी शिक्षा कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल महिला सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पीड़िताओं को शिकायत दर्ज कराने में अधिक भरोसा और सुविधा मिलेगी।
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