दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सलाहकार परिषद (एडवाइजरी काउंसिल) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजधानी में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दिल्ली में कहीं भी अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और किसी भी अवैध कब्जे को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपराज्यपाल ने डीडीए को निर्देश दिया कि सरकारी जमीनों और इमारतों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि और भवनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या अतिक्रमण का तुरंत पता लगाया जा सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके।
वी.के. सक्सेना ने अधिकारियों से यह भी कहा कि अतिक्रमण रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने तकनीकी संसाधनों, डिजिटल मैपिंग और अन्य आधुनिक साधनों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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बैठक में राजधानी के विकास कार्यों, भूमि प्रबंधन और शहरी नियोजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों की भी समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली के सुनियोजित विकास के लिए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जों के कारण सार्वजनिक परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें और अतिक्रमण के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीडीए को राजधानी में भूमि प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
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