दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे B&B होटल में लगी भीषण आग के बाद दिल्ली सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा की है। वहीं, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) नीति को वापस लेने और इस योजना के तहत लाइसेंस प्राप्त सभी प्रतिष्ठानों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
जांच में सामने आया है कि होटल के मालिक लवकेश बजाज को वर्ष 2024 में बीएंडबी नीति के तहत सिल्वर श्रेणी का लाइसेंस दिया गया था। यह लाइसेंस वर्ष 2027 तक वैध था और केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति देता था। हालांकि, अधिकारियों ने पाया कि परिसर में कुल 26 कमरे संचालित किए जा रहे थे। नगर निगम अधिकारियों का आरोप है कि लाइसेंस हासिल करने के दौरान संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गई थीं।
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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लवकेश बजाज से पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत में पेश किया जाना है। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि होटल के पास अनिवार्य अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) नहीं था। भवन में केवल एक प्रवेश और निकास मार्ग था, खिड़कियां सील थीं और आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया और कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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