राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों के भीतर मानसून दिल्ली पहुंच जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो यह पिछले पांच वर्षों में राजधानी में मानसून की सबसे देर से दस्तक होगी।
आईएमडी ने अपने ताजा मौसम बुलेटिन में बताया कि अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने उत्तर अरब सागर और गुजरात के कई हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे दमन और दीव को कवर कर लिया। इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, पूरे जम्मू-कश्मीर, तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय हो गया।
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आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में मानसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था। वर्ष 2021 में यह 13 जुलाई को आया, जो हाल के वर्षों में सबसे विलंबित आगमन था। वर्ष 2022 में मानसून 30 जून, 2023 में 25 जून, 2024 में 28 जून और 2025 में 29 जून को राजधानी पहुंचा था।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहने तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
हालांकि बुधवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक दिल्ली के पांच प्रमुख मौसम केंद्रों पर मापने योग्य बारिश दर्ज नहीं की गई। वहीं, पिछले 24 घंटों में सफदरजंग, पालम और आयानगर में हल्की बारिश दर्ज हुई, जबकि रिज केंद्र पर 0.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
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