देश के कई हिस्सों में गुरुवार सुबह हुई भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, राजस्थान, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और यातायात बाधित होने की स्थिति सामने आई है।
राजधानी दिल्ली में महज तीन घंटे के भीतर 34.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद कई इलाकों में पानी भर गया। लगातार बारिश को देखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है।
बारिश के कारण दिल्ली और मुंबई के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। भारी बारिश ने रेल और सड़क परिवहन पर भी असर डाला है। वहीं, महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में कचरे का विशाल ढेर गिरने से मलबे में करीब 11 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है।
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गुजरात के सूरत में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जिले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों तक भोजन के पैकेट भी पहुंचाए जा रहे हैं।
दिल्ली में बारिश के बीच रोहिणी क्षेत्र में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिरने की घटना सामने आई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मलबे में संपत्ति मालिक समेत चार से पांच लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
उधर, हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में भी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ ने सड़क संपर्क प्रभावित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में मध्यम बारिश जारी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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