राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बिजली की मांग ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। शहर की अधिकतम (पीक) बिजली मांग बढ़कर 8,748 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर माना जा रहा है।
बिजली विभाग के अनुसार, यह नई मांग पिछले रिकॉर्ड से 92 मेगावाट अधिक है। इससे पहले दिल्ली में सबसे अधिक बिजली की मांग वर्ष 2025 में दर्ज की गई थी, जब 12 जून 2025 को पीक डिमांड 8,442 मेगावाट तक पहुंची थी। इस तुलना में वर्तमान मांग 306 मेगावाट अधिक है।
अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी, लगातार बढ़ता शहरीकरण, और एयर कंडीशन तथा कूलिंग उपकरणों का अधिक उपयोग बिजली की मांग में इस तेजी का मुख्य कारण है। गर्मी के मौसम में दिल्ली में बिजली की खपत हर साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती रही है, लेकिन इस बार का आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ चुका है।
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दिल्ली विद्युत वितरण कंपनियों ने बताया कि उन्होंने बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया है, ताकि किसी भी क्षेत्र में बिजली कटौती की स्थिति न बने। साथ ही ट्रांसफार्मर और ग्रिड सिस्टम की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है तो बिजली की मांग और भी ऊंचाई पर जा सकती है। ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा दक्षता उपायों की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाएगी।
सरकार ने भी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली का समझदारी से उपयोग करें और अनावश्यक खपत से बचें, ताकि पूरे शहर में स्थिर आपूर्ति बनी रहे।
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