पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने इस्तीफे के बाद पहली बार अपने गृह राज्य ओडिशा पहुंचे। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एयरपोर्ट परिसर में समर्थकों ने नारे लगाए, फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और पारंपरिक पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक छात्रों का विरोध प्रदर्शन चला था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद यह उनका पहला ओडिशा दौरा था।
इससे पहले सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे थे, तब संसद परिसर के मकर द्वार पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के नारे लगाए और उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के कई नेताओं ने उनके कार्यकाल की सराहना की। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) सहित कई ऐतिहासिक सुधार लागू किए, जिनसे देश के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए इस्तीफा देना उनके सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
वहीं, ओडिशा सरकार के मंत्री विभूति जेना ने धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक कदम उठाए, जिनमें दोबारा परीक्षा आयोजित करना भी शामिल था।
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