पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कोलकाता में स्थित अमेरिकन सेंटर पर वर्ष 2002 में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए पांच पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उनके साथ अमेरिकी महावाणिज्य दूत (यूएस कांसुलेट जनरल) कैथी जाइल्स-डियाज भी मौजूद रहीं।
यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम उन वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में आयोजित किया गया था, जिन्होंने 2002 में हुए आतंकी हमले के दौरान देश की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने शहीदों को पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मंत्री दिलीप घोष ने इस अवसर पर कहा कि आतंकवाद आज भी पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है और इसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और यह आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्य और साहस की प्रेरणा देता रहेगा।
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कोलकाता में वर्ष 2002 में हुए इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि पांच जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी। यह घटना उस समय देश में आतंकवाद के बढ़ते खतरे का एक गंभीर उदाहरण मानी गई थी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद कैथी जाइल्स-डियाज ने भी शहीदों को नमन किया और भारतीय सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर दोनों पक्षों ने यह भी कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए एक साझा चुनौती है, जिसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की गई।
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