कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को मैसूरु में कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्नाटक कावेरी का पानी रोककर नहीं रख सकता और राज्य कानून तथा जल बंटवारे के नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि काबिनी जलाशय का पूरी क्षमता के करीब भरना राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश के कारण जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचा है, जिससे किसानों, पेयजल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं को लाभ मिलेगा।
डी.के. शिवकुमार ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष गंगा और कावेरी दोनों नदियां भरपूर जल से लबालब रहेंगी, ताकि सभी राज्यों और लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नदियों का पानी किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की साझा प्राकृतिक संपत्ति है और इसका उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की जरूरतों, पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील भी की।
कावेरी नदी का जल बंटवारा लंबे समय से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच संवेदनशील मुद्दा रहा है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मानसून के दौरान जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ जल प्रबंधन और राज्यों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पर्याप्त वर्षा से सभी राज्यों की जरूरतें पूरी होंगी और किसी प्रकार की जल संकट की स्थिति नहीं बनेगी।
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