तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) पर महिला नेताओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला बोला है।
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई (सरवनन अन्नादुरई) ने कहा कि ईपीएस इस समय “चारों तरफ से दबाव में हैं” और उनकी भाषा में यह हताशा और हार साफ झलक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके नेतृत्व आंतरिक कलह और बाहरी आलोचनाओं से जूझ रहा है, जिसके कारण उसका संतुलन बिगड़ गया है।
सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि महिला नेताओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं। उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम बरतना चाहिए।
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डीएमके ने यह भी आरोप लगाया कि एआईएडीएमके नेतृत्व अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रहा है। पार्टी ने कहा कि जनता अब ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
इस पूरे मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के बयान और भी बढ़ सकते हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।
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