कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (24 जनवरी, 2026) को आरोप लगाया कि गुजरात में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर जो कुछ किया जा रहा है, वह एक “सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी” है, जिसमें चुनाव आयोग (ECI) खुद एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब लोकतंत्र का रक्षक नहीं रहा, बल्कि “वोट चोरी की साजिश” का प्रमुख सहभागी बन गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची का SIR एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “एक व्यक्ति, एक वोट” के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने का हथियार बन गया है, ताकि यह तय जनता नहीं बल्कि भाजपा करे कि सत्ता में कौन आएगा। उन्होंने कहा, “जहां-जहां SIR है, वहां-वहां वोट चोरी है। गुजरात में SIR के नाम पर जो हो रहा है, वह पूरी तरह से योजनाबद्ध वोट चोरी है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों की संख्या में एक ही नाम से आपत्तियां दाखिल की गईं, जो बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक है। राहुल गांधी का दावा है कि कांग्रेस समर्थक समुदायों और बूथों के मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा, “जहां भाजपा को हार का अंदेशा होता है, वहां मतदाताओं को सिस्टम से गायब कर दिया जाता है।”
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उन्होंने यह भी कहा कि यही पैटर्न पहले अलंद और राजुरा में देखा गया और अब वही “ब्लूप्रिंट” गुजरात, राजस्थान और उन सभी राज्यों में लागू किया जा रहा है, जहां SIR किया जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका बेहद गंभीर है और वह निष्पक्ष संस्था के रूप में काम नहीं कर रहा।
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया गुजरात कांग्रेस के आरोप के बाद आई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वोट हेरफेर उजागर होने के बाद भाजपा ने चुनाव धांधली का नया मॉडल अपनाया है। कांग्रेस का दावा है कि नियमों के बावजूद लाखों आपत्तियां अचानक दाखिल की गईं और चुनाव आयोग इस पूरे मामले में “मूक दर्शक” बना रहा, जिससे उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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