भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और BLO सुपरवाइजरों के लिए बड़ा ऐलान किया है। आयोग ने इन कर्मचारियों को एकमुश्त 6 हजार रुपये का विशेष मानदेय देने की मंजूरी दी है।
देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम जारी है। इस प्रक्रिया में BLO और सुपरवाइजरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाने, दस्तावेजों की जांच करने और मतदाता सूची को अपडेट करने का काम करते हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने में BLO और सुपरवाइजरों का योगदान बेहद अहम है। उनके अतिरिक्त कार्यभार और मेहनत को देखते हुए विशेष मानदेय देने का निर्णय लिया गया है।
और पढ़ें: भारत-इंडोनेशिया के बीच चुनाव प्रबंधन पर समझौता, ईवीएम तकनीक और प्रशिक्षण में होगा सहयोग
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और मतदाताओं के विवरण को सही करने का काम किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग लगातार दिशा-निर्देश जारी करता रहा है।
आयोग के अनुसार, BLO जमीनी स्तर पर चुनावी व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। वे मतदाताओं और चुनाव प्रशासन के बीच संपर्क का काम करते हैं। ऐसे में SIR जैसे बड़े अभियान में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
चुनाव आयोग के इस फैसले से देशभर में SIR प्रक्रिया में लगे हजारों BLO और सुपरवाइजरों को आर्थिक सहायता मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा और मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम अधिक प्रभावी तरीके से पूरा हो सकेगा।
गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग समय-समय पर विशेष अभियान चलाता है। SIR भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सही और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है।
और पढ़ें: ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों को निर्वाचन आयोग का नोटिस, 6 जुलाई तक जवाब तलब