प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहु-हजार करोड़ रुपये के पीएसीएल निवेश घोटाले की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब स्थित जियान सागर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की 14 अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1595.85 करोड़ रुपये बताया गया है।
ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्तियां कथित अवैध निवेश योजनाओं से अर्जित धन से बनाई गई थीं। पीएसीएल घोटाले को देश के सबसे बड़े निवेश धोखाधड़ी मामलों में से एक माना जाता है, जिसमें लाखों निवेशकों से अवैध रूप से धन एकत्र किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में भूमि और भवन जैसी कई प्रमुख अचल संपत्तियां शामिल हैं, जो पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित हैं। ईडी ने कहा है कि इन संपत्तियों का उपयोग निवेशकों से जुटाए गए धन को छिपाने और उसे वैध दिखाने के लिए किया गया था।
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एजेंसी पहले भी इस मामले में कई बार छापेमारी और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई कर चुकी है। पीएसीएल समूह और उससे जुड़े संस्थानों के खिलाफ जांच लंबे समय से चल रही है, जिसमें कई राज्यों में फैले निवेश नेटवर्क की परतें सामने आई हैं।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे की जांच का हिस्सा है और आने वाले समय में और भी संपत्तियों की पहचान और जब्ती की जा सकती है। एजेंसी का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को वापस लाना है।
इस कार्रवाई से एक बार फिर पीएसीएल घोटाले से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई हैं।
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