यूरोपीय संघ (ईयू) ने मंगलवार को कहा कि वह “उच्च जोखिम” वाले देशों की कंपनियों द्वारा आपूर्ति किए गए टेलीकॉम उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से हटाने की योजना बना रहा है। यह कदम तेज़ रफ्तार दूरसंचार नेटवर्क जैसे 5जी से जुड़ा है और इसे चीन की कंपनियों, विशेषकर हुआवेई और जेडटीई, को लक्षित माना जा रहा है।
ब्रसेल्स द्वारा प्रस्तावित ये उपाय साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं। ईयू के 27 सदस्य देशों को लेकर चिंता बढ़ रही है कि वे एक ओर चीनी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के प्रभुत्व और दूसरी ओर अमेरिकी बिग टेक सेवाओं पर अत्यधिक निर्भर होते जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय आयोग ने यह मसौदा कानून पेश किया है।
ड्राफ्ट कानून के तहत, तीसरे देशों के तथाकथित “उच्च जोखिम” वाले आपूर्तिकर्ताओं के टेलीकॉम उपकरणों को तीन वर्षों के भीतर चरणबद्ध रूप से हटाया जाएगा। प्रस्ताव में किसी देश या कंपनी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है, लेकिन “उच्च जोखिम” शब्द का इस्तेमाल पहले चीन जैसे देशों के लिए किया जाता रहा है, जहां नेटवर्किंग उपकरणों की दिग्गज कंपनी हुआवेई स्थित है। हुआवेई विश्व की सबसे बड़ी नेटवर्किंग इक्विपमेंट निर्माता है, लेकिन अमेरिका में उस पर लंबे समय से प्रतिबंध है।
और पढ़ें: सुरक्षा सख्ती की तैयारी: स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड साझा करने का प्रस्ताव
ईयू के कार्यकारी निकाय ने 2023 में कहा था कि सदस्य देशों के लिए हुआवेई और जेडटीई जैसी कंपनियों को सीमित या बाहर करना उचित है, क्योंकि वे अधिक जोखिम पैदा करती हैं। हालांकि, इससे पहले 5जी साइबर सुरक्षा से जुड़े ईयू के दिशानिर्देश केवल सिफारिशी थे, जिससे सदस्य देशों में असमान रूप से लागू हुए। कुछ देशों ने चीनी उपकरण खरीदे, जबकि अन्य ने उन्हें नकार दिया।
नए प्रस्तावों के तहत ये साइबर सुरक्षा उपाय अनिवार्य हो जाएंगे। हुआवेई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह यूरोप में “कानूनी रूप से संचालित” कंपनी है और अपने “वैध हितों” की रक्षा का अधिकार सुरक्षित रखती है। कंपनी ने यह भी कहा कि देश के आधार पर गैर-ईयू आपूर्तिकर्ताओं को सीमित करना ईयू के निष्पक्षता, गैर-भेदभाव और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के दायित्वों के खिलाफ है।
प्रस्तावित प्रतिबंध केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीमा चौकियों पर उपयोग होने वाले सुरक्षा स्कैनर, जल आपूर्ति प्रणालियों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा उपकरणों जैसे अन्य क्षेत्रों पर भी लागू होंगे। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष हेना विरक्कुनेन ने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सहारा देने वाली आईसीटी सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाकर ईयू के नागरिकों और व्यवसायों की रक्षा करना है। अब इन प्रस्तावों को यूरोपीय संसद की मंजूरी मिलना बाकी है।
और पढ़ें: रिपोर्ट: 2025 में ताइवान के बुनियादी ढांचे पर रोज़ाना औसतन 26 लाख चीनी साइबर हमले