पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच यूरोप में गैस की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। हालांकि आईएनजी बैंक की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप 2022 जैसे रिकॉर्ड स्तर की कीमतों का सामना करने की स्थिति में नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप अब पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और तैयार है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के शुरुआती दौर में गैस आपूर्ति बाधित होने से कीमतों में भारी उछाल आया था। लेकिन अब एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की बेहतर आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा में बढ़ोतरी और गैस की मांग में कमी के कारण स्थिति काफी सुधरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक गैस बाजार में आपूर्ति पहले से बेहतर है और आने वाले वर्षों में एलएनजी निर्यात क्षमता भी तेजी से बढ़ेगी। हालांकि, यूरोप में बिजली की कीमतें अभी भी गैस की कीमतों पर निर्भर करती हैं, इसलिए थोड़ी बढ़ोतरी भी बिजली बिल को प्रभावित कर सकती है।
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यूरोपीय आयोग की REPowerEU रणनीति के तहत सौर और पवन ऊर्जा में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। 2021 से 2024 के बीच इनकी क्षमता में 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2025 में इसमें और 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है।
इसके अलावा, यूरोप में गैस की मांग भी 2017-2021 के स्तर से लगभग 16 प्रतिशत कम हो गई है, जो 2022 के ऊर्जा संकट के बाद हुए बदलावों का परिणाम है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप ने गैस खरीद और भंडारण के तरीके में सुधार किया है, जिससे भविष्य में कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम हो गई है।
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