केंद्रीय बजट 2026 को आम आदमी के लिए स्थिरता, रोजगार और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित बताया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश इस बजट में जहां कर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, वहीं आयकर व्यवस्था को सरल बनाकर ₹12.75 लाख तक की आय को करमुक्त रखा गया है। इससे मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
आम नागरिकों के लिए राहत के तौर पर जीवनरक्षक कैंसर दवाओं को सस्ता किया गया है, विदेश में शिक्षा के लिए टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) घटाया गया है और रोजगार सृजन के उद्देश्य से ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य अगली पीढ़ी के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार तैयार करना है।
ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव: रक्षा आधुनिकीकरण में बड़ा उछाल
बजट में रक्षा क्षेत्र को ₹7.85 लाख करोड़ दिए गए हैं, जिसमें आधुनिकीकरण मद में 21.84% की वृद्धि शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर की भावना के तहत ₹2.19 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय विमान, एयरो इंजन और सैन्य तैयारियों पर केंद्रित है।
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राजकोषीय स्थिरता पर जोर
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रखा गया है। सरकार ने 2030 तक ऋण-जीडीपी अनुपात 50% पर लाने का लक्ष्य तय किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों के बीच भारत की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मैन्युफैक्चरिंग 2.0 और बुनियादी ढांचा
बजट में पीएलआई 2.0, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और जैव-फार्मा शक्ति जैसी योजनाओं से नवाचार को बढ़ावा दिया गया है। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने के उपाय विकास को गति देंगे।
कुल मिलाकर, बजट 2026 आम आदमी के लिए स्थिर अर्थव्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचा और भविष्य के विकास का रोडमैप पेश करता है।
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