देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा घोटालों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करेगी, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई, समयबद्ध जांच और त्वरित फैसला सुनिश्चित किया जाएगा।
मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह फैसला युवाओं को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नए कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच और सुनवाई को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रावधान होगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
उन्होंने कहा, "पेपर लीक के मामलों की विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों में प्रतिदिन सुनवाई होगी। इससे मुकदमों का तेजी से निपटारा होगा और युवाओं को समय पर न्याय मिलेगा।"
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कानून मंत्री ने यह भी बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार संवाद के पक्ष में रही है और आगे भी बातचीत की प्रक्रिया जारी रहेगी।
संसद में पेपर लीक पर चर्चा की मांग को लेकर मेघवाल ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है।
मेघवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, जिसमें यह भी सामने आए कि किन-किन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुईं, दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और किन लोगों की इसमें भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पूरे देश के सामने सभी तथ्य आएं।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी विपक्ष पर नीट मुद्दे को लेकर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद इस विषय पर चर्चा का सबसे उपयुक्त मंच है और छात्रों के भविष्य तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे गंभीर मुद्दों पर सभी दलों को मिलकर सार्थक बहस करनी चाहिए।
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