जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार, 31 मई को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद शनिवार को पद से विदाई ली।
पदभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने भारतीय सशस्त्र बलों के भविष्य के लिए अपनी दृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि “विचार और कार्रवाई में नवाचार” देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
सीडीएस ने बताया कि सेना, उद्योग जगत, अकादमिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सहयोग को बढ़ाना रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी विकास और रक्षा क्षमता दोनों को गति मिलेगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बल हमेशा राष्ट्रीय हितों की रक्षा में पेशेवरता और निर्णायक क्षमता का प्रदर्शन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि सेना पूरी निष्ठा, साहस और सम्मान के साथ देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जनरल सुब्रमणि ने अपने पूर्ववर्तियों—दिवंगत जनरल बिपिन रावत और जनरल अनिल चौहान—के योगदान को भी सराहा और कहा कि उनकी मजबूत नींव पर आगे की रणनीति विकसित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। प्रशिक्षण, सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा।
चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में जनरल सुब्रमणि ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार रह चुके हैं और पाकिस्तान तथा चीन मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
अब सीडीएस के रूप में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और एकीकृत थिएटर कमांड योजना को प्रभावी रूप से लागू करना होगा, जिससे भारतीय सेना की संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता और मजबूत हो सके।
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