जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज मंगलवार बेंगलुरु पहुंचे। यह दौरा उनके दो दिवसीय भारत प्रवास का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत सोमवार को अहमदाबाद से हुई थी। अहमदाबाद में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की और भारत तथा जर्मनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया।
बेंगलुरु आगमन पर जर्मन चांसलर का स्वागत कर्नाटक सरकार के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया। चांसलर मर्ज का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।
बेंगलुरु में अपने प्रवास के दौरान फ्रेडरिक मर्ज भारत-जर्मनी के बीच व्यापार, उद्योग और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने पर केंद्रित बैठकों में भाग लेंगे। उनके कार्यक्रम में बॉश (Bosch) के बेंगलुरु स्थित परिसर का दौरा भी शामिल है, जहां वे अनुसंधान, विकास और उन्नत इंजीनियरिंग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लेंगे।
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इसके अलावा, जर्मन चांसलर भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के नैनोसाइंस और उन्नत अनुसंधान केंद्र का भी दौरा करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच विज्ञान, नवाचार और उच्च तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
भारत और जर्मनी के संबंध हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में तेजी से मजबूत हुए हैं। बेंगलुरु यात्रा के दौरान होने वाली बातचीत से स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेडरिक मर्ज का यह दौरा भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और तकनीक आधारित साझेदारी को और गहरा करेगा।
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