गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में उनकी कथित डायरी से कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। हालांकि डायरी को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन जांच से जुड़े सूत्रों ने इसमें लिखी बातों की जानकारी साझा की है। बुधवार तड़के तीनों बहनों ने अपने नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से कूदकर जान दे दी। मृतकों की पहचान निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियन गेम और उससे जुड़े डिजिटल कंटेंट से गहराई से प्रभावित थीं, जिसमें कई तरह के टास्क पूरे करने होते थे। बताया गया कि वे पिछले ढाई से तीन साल से लगातार ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त थीं और महामारी के दौरान इसकी लत बढ़ गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, डायरी में बहनों ने कोरियन संस्कृति, के-पॉप, विदेशी मनोरंजन और ऑनलाइन गेम्स के प्रति गहरा भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया। उन्होंने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि परिवार उन्हें उनकी “जिंदगी” यानी कोरियन कंटेंट से दूर करने की कोशिश कर रहा था। डायरी में उन्होंने कोरियन, चीनी, थाई और जापानी कलाकारों, फिल्मों, गानों, कार्टून और हॉरर गेम्स के प्रति अपने जुनून का जिक्र किया।
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डायरी के अनुसार, परिवार में विवाद तब बढ़ा जब बहनें अपने छोटे भाई को भी इस “के-वर्ल्ड” का हिस्सा बनाना चाहती थीं, जबकि माता-पिता इसके खिलाफ थे। इससे वे बेहद आहत और अलग-थलग महसूस करने लगीं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और ऑनलाइन कंटेंट के प्रभाव समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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