केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के बेगूसराय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बांग्लादेशी मुसलमानों को वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि जब तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार है, ऐसी कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर बेगूसराय के खतोपुर स्थित महाकाल मंदिर में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ आयोजित की गई। गिरिराज सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सजा मिलने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ‘कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती।’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि गाय मर जाए, लेकिन गाय की पूजा करने वालों पर ऐसे बयानों का कोई असर नहीं होगा।
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एसआईआर के विरोध में तेजस्वी यादव की ‘गुस्सा यात्रा’ को लेकर भी गिरिराज सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता दो महीने तक एसआईआर के मुद्दे पर जिलों में घूमते रहे, लेकिन चुनाव आयोग के सामने ऐसा एक भी नाम नहीं रखा गया, जिसके बारे में कहा जा सके कि उसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया है।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेशी मुसलमानों को वोट बैंक बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मतदाताओं के छूटे हुए नाम मतदाता सूची में जोड़े जाने चाहिए और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए।
यूजीसी कानून को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के साथ-साथ सामान्य वर्ग के लिए भी काम किया है।
गिरिराज सिंह के बयान ऐसे समय आए हैं, जब बिहार में एसआईआर को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। उनके आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
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