देश में चीनी की खुदरा कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बीच सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 2026-27 सीज़न के लिए चीनी को इथेनॉल उत्पादन की दिशा में मोड़ने पर रोक लगा दी है। यह कदम घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दरअसल, देश के दो प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस वर्ष कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे गन्ने की फसल पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है। इन दोनों राज्यों का देश के कुल गन्ना और चीनी उत्पादन में बड़ा हिस्सा है, इसलिए वहां वर्षा की कमी को लेकर चिंता जताई जा रही है कि आगामी सीज़न में गन्ने की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने जैव ईंधन को बढ़ावा देने की नीति के तहत चीनी मिलों को गन्ने के रस और चीनी सिरप से इथेनॉल बनाने की अनुमति दी थी, जिसके चलते इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में चीनी का उपयोग किया जाने लगा था। इससे घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर असर पड़ा और कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। अब सरकार ने आपूर्ति संतुलन बनाए रखने के इरादे से यह निर्णय लिया है कि 2026-27 सीज़न में चीनी को इथेनॉल बनाने के लिए मोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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इस फैसले का सीधा असर गन्ना किसानों, चीनी मिलों और इथेनॉल उत्पादक कंपनियों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कई मिलों ने इथेनॉल उत्पादन के लिए अपनी क्षमता और निवेश बढ़ाया था। वहीं दूसरी ओर, उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला राहत ला सकता है, क्योंकि चीनी की उपलब्धता बढ़ने से आने वाले समय में कीमतों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश की कमी का असर अगले पेराई सीज़न के गन्ना उत्पादन पर दिखाई दे सकता है, जिससे चीनी उत्पादन में गिरावट की आशंका और बढ़ गई है। ऐसे में सरकार का यह कदम घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक एहतियाती उपाय माना जा रहा है।
हालांकि, इस फैसले से जैव ईंधन क्षेत्र में सरकार के इथेनॉल मिश्रण लक्ष्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की योजना के तहत चीनी से इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण स्रोत रही है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस संबंध में और स्पष्टता आने की उम्मीद है कि वैकल्पिक स्रोतों से इथेनॉल उत्पादन लक्ष्यों को किस प्रकार पूरा किया जाएगा।
फिलहाल चीनी उद्योग और बाजार विश्लेषक आगामी सीज़न में गन्ने की उपलब्धता, उत्पादन अनुमान और सरकार की नीतिगत घोषणाओं पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
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