केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास को गति देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मजदूरी भुगतान हेतु ₹17,744 करोड़ की राशि जारी की है। यह राशि अप्रैल माह की मजदूरी के भुगतान के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमित शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार मनरेगा योजना के तहत निर्बाध क्रियान्वयन और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जारी की गई राशि से लाखों ग्रामीण मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है, जिससे गांवों में पलायन को रोकने में मदद मिलती है।
और पढ़ें: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का असर हर गांव में नजर आने लगा
इसके अलावा, इस योजना का उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे सड़क निर्माण, जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्निर्माण और आवासीय परियोजनाओं को मजबूत करने में भी किया जाता है। इससे ग्रामीण विकास की गति तेज हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सरकार डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की देरी या भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत यह फंड रिलीज सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
और पढ़ें: राम नाम के जयकारे से ममता दीदी परेशान, यूपी में नहीं होती सड़क पर इफ्तार: योगी आदित्यनाथ का हमला