गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ (एक राष्ट्र, एक चुनाव) प्रस्ताव का समर्थन व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को इस पहल के माध्यम से मजबूती मिलेगी और देश में चुनावी प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बनेगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव पड़ता है और विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। ऐसे में एक साथ चुनाव कराना समय और संसाधनों दोनों की दृष्टि से लाभकारी होगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि इससे चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी और सरकारों को विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
भूपेंद्र पटेल ने बताया कि गुजरात में विकास मॉडल को ध्यान में रखते हुए इस तरह की नीतियां देश के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं।
उन्होंने जेपीसी को अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चुनावी सुधार आवश्यक हैं और ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस व्यवस्था से मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी और चुनाव प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल देश को एक नई प्रशासनिक दिशा देगी।
इस प्रस्ताव पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है और विभिन्न राज्यों से राय ली जा रही है।
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