केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया बहुत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसे निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर किया जाता है ताकि मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन रखा जा सके।
मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग का नियमित कार्य है, लेकिन हर 20 साल में एक विशेष पुनरीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसा व्यापक पुनरीक्षण वर्ष 2005 में किया गया था। अब एक बार फिर इसी तरह की प्रक्रिया हरियाणा में शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि या गड़बड़ी को दूर करना आवश्यक है। विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची का हिस्सा न रहे।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और संबंधित अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। इसमें नए मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने और अन्य सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वच्छ और सही मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। हरियाणा में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है और इससे आगामी चुनावों में पारदर्शिता और मजबूती होगी।
खट्टर ने विश्वास जताया कि निर्वाचन आयोग की यह पहल लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगी और सभी राजनीतिक दलों को एक समान अवसर प्रदान करेगी।
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