लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, वह 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में प्रमुख संदिग्धों में शामिल था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
हाशिम मूसा की पहचान पाकिस्तानी नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकी के रूप में की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी) में पैरा-कमांडो रह चुका था और 2023 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के बाद आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हुआ।
सुरक्षा बलों ने मंगलवार रात बडगाम के यूसमर्ग इलाके के कोराग क्षेत्र में विशेष खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल शामिल थे। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चुनौती दी, जिस पर गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया। बाद में तलाशी के दौरान उसका शव और युद्ध संबंधी सामान बरामद किया गया।
और पढ़ें: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
रिपोर्टों के मुताबिक, मूसा पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं से जुड़े होने का आरोप था। उसका नाम पहलगाम हमले के अलावा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और अन्य ठिकानों पर हुए कई हमलों की जांच में सामने आया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले के लिए 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पहलगाम हमले से संबंधित चार्जशीट में भी मूसा का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया गया था। हालांकि, उसके पूर्व पाकिस्तानी सैन्य सेवा से जुड़े कुछ विवरण विभिन्न रिपोर्टों में अलग-अलग रूप में सामने आए हैं।
सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान इलाके में जारी है और अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान बरामद हथियारों तथा अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।
और पढ़ें: ब्रिक्स घोषणा में पहलगाम का जिक्र भारत की विदेश नीति की सफलता: उमर अब्दुल्ला